समानता का महामेरू
भीम दुर्बलका दाता है
क्रांतिकारी, महानायक
विश्व आपका गुण गाता है
लढ उठे अन्याय के विरुद्ध
कलम का सिपायी बनकर
तोड दी गुलामी की शृंखला
मातृतुल्य संविधान लिखकर
समता, न्याय,बंधुता का नारा
सारे हिंदुस्थान में गुंजता है
भीम अमर है, अमर रहेगा
इतिहास गवाह देता है
कलम का बादशाह
हृदयसे आपको नमन है
ज्ञान के सागर आपके संविधानसें
खिलता रहेगा यह चमन है
प्रा. दत्तात्रय धिवरे
कला, वाणिज्य महाविद्यालय
नरडाणा
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